पैदा पैदा जी गिदा श्याम जी दे बेड़े।वृंदावन आया करो राधे राधे गाया करो।।गोपियां ने घेर लेया तू नंदलाला।। कृष्ण भजन।श्याम वाली मुरली।। कृष्ण भजनमेरे श्याम दा सुनेहा नईयो आया लोका दिया आन चिट्ठियां।।।राम जपन दा वेला नी ज़िदडीये।।हरे कृष्णा।।।राधा रानी मेरी है मेरो है सावरिया।।जय श्री राधे।।।बंसी मेरे मोहन दी बजदी कमाल कर गईं।।।Bhajan।। राम दा बुलावा आया।।कृष्ण भजन।। जैसे राधा नाची थी तेरे साथ।।।मीठी मीठी बंसी बजा वे श्यामा।सद्गुरू नीलकंठ कौशल जी महाराज।मोहे ब्रज की धूल बनादे।।। सद्गुरू नीलकंठ कौशल जी महाराज।।डूंगिया डूंगिया नदिया ।।सद्गुरू नीलकंठ कौशल जी महाराज।बड़ा ही प्यारा और मीठा भजन।। सद्गुरु नीलकंठ कौशल जी महाराज।।वे मैं देख लेई दुनियां सारी भोले जेहा होर कोई न।। सद्गुरु श्री नीलकंठ कौशल जी महाराज।गोबिंद गोपाल गिरधारी।। सद्गुरु श्री नीलकंठ कौशल जी महाराज।। कृष्णामिठी मिठी बंसरी बजा वे श्यामा।।। सदगुरु श्री नीलकंठ कौशल जी महाराज।आ बैठ के करिए गल श्यामा।।।श्रद्धेय सदगुरुदेव श्री नीलकंठ कौशल जी महाराज।।